मनोगत

बहुप्रतीक्षित शिक्षा नीति का आगमन हो चुका है। पिछली नीति 34 वर्ष पूर्व आयी थी और आज तक भी अपने लक्ष्य पूरे नहीं कर सकी। इस बीच दुनियाँ के तौर-तरीके बदल गये और देश की जरूरतें भी। वर्तमान नीति को आकार लेने में भी छः वर्ष लगे। अनेक व्यावहारिक और राजनैतिक...Read More

संवाद

आवरण कथा, 2020-08-15

समय की मांग है सांस्कृतिक-स्वतंत्रता का स्वदेशी-सूचनातंत्र

भारत केन्द्रित भारत-दृष्टि और भारत केन्द्रित विश्व-दृष्टि वर्तमान बौद्धिक-पारिस्थितिकी की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गयी है। लेकिन ऐसी बौद्धिक पारिस्थितिकी निर्मित करने की जब भी कोशिश होती है, ...

विमर्श, 2020-08-15

भारतीय कला में स्वातंत्र्य चेतना

कलाएँ व्यक्ति में स्वातंत्र्य चेतना का विकास करती हैं। चेतना के बिंब अलग-अलग माध्यमों में अभिव्यक्त होते हैं। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में जब तिलक, ...

जम्मू कश्मीर, 2020-06-01

मौसम-समाचार का नया हथियार

सूचनाएं हमेशा से हथियार के रूप में काम करती रही हैं, इसके अनेक उदाहरण मिलते हैं। समाचार भी हथियारों की तरह उपयोग में लाए जाते रहे हैं, इसके भी अनेक उदाहरण...

लोक संवाद, 2020-08-15

आल्ह खंड: लोकसंवाद में वीरता, समरसता की अमर कहानी

कट-कट मुंड गिरैं ज्वानों के, उठ-उठ रुंड करें तलवार। यह गति हो गई रणखेतों में, बहने लगी खून की धार। आल्ह खंड की ये पंक्तियां न सिर्...

ग्लोबल मीडिया, 2020-08-15

ब्रेकिंग न्यूज या ब्रेकिंग फैक्ट

14 जुलाई को ‘द हिन्दू’ ने अपनी वेबसाइट पर एक खबर ब्रेक की। जिसके बाद यकायक भारत सरकार और विदेश नीति पर सवालों की बौछार शुरू हो गई। सोशल मीडिया की बदौलत हर कोई विदेशी मामलों का जानकार बना फिरने...

व्यक्तित्व, 2020-05-08

पत्रकारिता के प्रकाशपुंज बाबूराव विष्णु पराड़कर

भारत में पत्रकारिता का उदभव ही राष्ट्रव्यापी पुनर्जागरण और समाज कल्याण के उद्देश्य से हुआ था। महात्मा गांधी, बाबूराव विष्णु पराड़कर, गणेश शंकर विद्या...

शब्दावली, 2020-08-15

आईसीटीसी क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और सुरक्षा का प्रश्न

आत्मनिर्भरता और स्वावलंबन का कभी कोई विकल्प नहीं हो सकता। सूचना और तकनीकी के क्षेत्र में तो दूसरों पर निर्भर रहने का जोखिम बिलकुल भी नहीं लिया जा सकता...