’द केरल स्टोरी’ पर चुनावी दंगल

दूरदर्शन ने फैसला किया कि 5 अप्रैल को ’दि केरल स्टोरी’ मूवी की स्क्रीनिंग की जाएगी। दूरदर्शन के इस फैसले की कांग्रेस और केरल के कम्युनिस्ट पार्टी की सरकार ने खूब विरोध किया। मूवी की स्क्रीनिंग रोकने के लिए केरल उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की गई थी। लेकिन अदालत ने यह कहते हुए (अंतरिम) आदेश जारी नहीं किया कि डीडी को जवाब देने के लिए और समय दिया जाना चाहिए था। केरल उच्च न्यायालय ने दूरदर्शन (डीडी नेशनल) पर ’द केरल स्टोरी’ के प्रसारण पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। कोर्ट के इस निर्णय के बाद 5 अप्रैल को दूरदर्शन पर ’दि केरल स्टोरी’ मूवी की स्क्रीनिंग की गई। 

साल 2023 में रिलीज हुई फिल्म ’दि केरल स्टोरी’ को लेकर दावा किया गया है कि यह केरल की सच्ची कहानी पर आधारित है। फिल्म में आतंकवाद, लव जिहाद और धर्म परिवर्तन जैसे संवेदनशील मुद्दे शामिल हैं। बॉक्स आफिस पर भी कम बजट में बनी इस फिल्म की अच्छी कमाई हुई। 

केरल की वामपंथी सरकार ने दूरदर्शन के फिल्म स्क्रीनिंग के फैसले पर कड़ा विरोध जताया। केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने ट्वीट करते हुए लिखा - ’दूरदर्शन द्वारा ध्रुवीकरण को बढ़ावा करने वाली फिल्म ’दि केरल स्टोरी’ को प्रसारित करने का निर्णय बेहद निंदनीय है। राष्ट्रीय समाचार प्रसारक को भाजपा-आरएसएस की प्रचार मशीन नहीं बनना चाहिए और इस फिल्म की स्क्रीनिंग नहीं करनी चाहिए। जो केवल आम चुनाव से पहले सांप्रदायिक तनाव को बढ़ाना चाहते हैं। केरल नफरत फैलाने के ऐसे दुर्भावनापूर्ण प्रयासों का दृढ़ता से विरोध करता रहेगा।’ मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि सत्तारूढ़ भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की युवा शाखा, डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया के कार्यकर्ताओं ने 5 अप्रैल को तिरुवनंतपुरम में दूरदर्शन केंद्र के परिसर में धावा बोलने का प्रयास किया और मांग की कि राष्ट्रीय प्रसारक अपना निर्णय रद्द कर दे। 

कांग्रेस ने भी केरल में फिल्म की स्क्रीनिंग की निंदा की और इसे केरल के लोगों का अपमान बताया। कांग्रेस के केरल यूनिट ने इसके खिलाफ चुनाव आयोग तक का रुख किया था। 

वहीं, भाजपा ने केरल की कम्युनिस्ट सरकार और कांग्रेस पार्टी के फिल्म के प्रसारण को लेकर किए जा रहे विरोध को अनुचित बताया है। भाजपा ने यह भी दावा किया कि फिल्म का विषय वास्तविक है और वामपंथी और कांग्रेस बिना बात के विरोध कर रहे हैं। केरल में भाजपा नेता और केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री वी. मुरलीधरन ने कहा है कि इस फिल्म को सेंसर बोर्ड की अनुमति प्राप्त है। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि हमेशा से अभिव्यक्ति की आजादी के पक्ष में रहने वाला वाम मोर्चा अब क्यों किसी और की अभिव्यक्ति का विरोध कर रहा है? 

बता दें कि 2023 कर्नाटक विधानसभा चुनावों के अभियान के दौरान बेल्लारी में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस फिल्म ने आतंकवाद के नए चेहरे को दिखाया है, लेकिन कांग्रेस पार्टी फिल्म को बैन करना चाह रही है और आतंकियों का समर्थन करना चाह रही है।

बता दें कि बीते वर्ष मई में रिलीज हुई फिल्म ’द केरल स्टोरी’ में अदा शर्मा ने मुख्य भूमिका अदा की। इसका निर्देशन सुदीप्तो सेन ने किया। इस फिल्म के निर्माता विपुल अमृतलाल शाह हैं। इस फिल्म का जब ट्रेलर जारी हुआ था, तब भी इस पर काफी हंगामा हुआ था। ’दि केरल स्टोरीश् की कहानी बेहद मार्मिक है। इसमें दिखाया गया है कि राज्य में किस तरह ’लव जिहाद’ के नाम पर युवतियों का धर्म परिवर्तन कराकर उन्हें आईएसआईएस में धकेला गया। उनके साथ पशुओं से भी बदतर व्यवहार हुआ।

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